क्या महंगा होगा iPhone 18 Pro? Apple ने OLED स्क्रीन की कीमतों पर उठाया ये बड़ा कदम

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एप्पल (Apple) के आगामी स्मार्टफोन लाइनअप, विशेषकर iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर टेक बाजार में काफी सरगर्मी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नए आईफोन मॉडल्स में कई एडवांस फीचर्स और नई तकनीक देखने को मिलेगी। लेकिन, इन सब के बीच एक बड़ी चिंता जो एप्पल और ग्राहकों दोनों को सता रही है, वह है— आईफोन 18 प्रो सीरीज की कीमतों में भारी बढ़ोतरी (Price Hike) की संभावना।



हालिया इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मार्टफोन बनाने की लागत लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ते दबाव को कम करने और ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ न डालने के लिए एप्पल ने अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब अपने प्रमुख सप्लायर्स, जैसे सैमसंग डिस्प्ले (Samsung Display) और एलजी डिस्प्ले (LG Display) के साथ ओएलईडी (OLED) स्क्रीन की कीमतों को कम करने के लिए आक्रामक रूप से बातचीत (Negotiation) कर रही है।

​आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं कि आखिर कीमतें क्यों बढ़ रही हैं, एप्पल की क्या रणनीति है, और इसका असर आम ग्राहकों पर क्या पड़ेगा।

iPhone 18 Pro सीरीज की कीमत क्यों बढ़ रही है? (चिपफ्लेशन का असर)

​सबसे पहला सवाल यह उठता है कि आखिर एप्पल को ओएलईडी पैनल की कीमतों को कम करवाने की जरूरत क्यों पड़ी? इसका सीधा सा जवाब है— 'चिपफ्लेशन' (Chipflation)

​वर्तमान में पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बूम चल रहा है। एआई डेटा सेंटर्स के निर्माण के लिए उच्च प्रदर्शन वाले कंपोनेंट्स की भारी मांग है। इसके कारण:

  • मेमोरी चिप्स की कमी: हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और सर्वर DRAM की भारी मांग के कारण मोबाइल मेमोरी की कीमतों में आसमान छूने वाली वृद्धि हुई है।
  • रैम और स्टोरेज महंगे होना: आईफोन में इस्तेमाल होने वाले रैम (RAM) और NAND फ्लैश स्टोरेज की लागत काफी बढ़ गई है।
  • प्रोसेसर की लागत: आगामी iPhone 18 Pro में TSMC के 2nm प्रोसेस पर आधारित A20 Pro चिपसेट होने की उम्मीद है, जिसके निर्माण की लागत बहुत अधिक है।

​इन सभी कारकों के कारण iPhone 18 Pro मॉडल्स की उत्पादन लागत (Production Cost) बहुत अधिक बढ़ गई है। मार्केट रिसर्च फर्मों का अनुमान है कि अगर यही स्थिति रही, तो iPhone 18 Pro सीरीज की शुरुआती कीमत में $200 से $300 (लगभग ₹16,500 से ₹25,000) तक का इजाफा हो सकता है।

​Apple का मास्टरस्ट्रोक: OLED डिस्प्ले की कीमतों में भारी कटौती

​मेमोरी चिप्स और प्रोसेसर की बढ़ती कीमतों पर एप्पल का सीधा नियंत्रण नहीं है। इसलिए, अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने और आईफोन की कीमत को ग्राहकों के लिए बहुत अधिक महंगा होने से बचाने के लिए, एप्पल ने दूसरे महंगे कंपोनेंट्स की लागत में कटौती करने का फैसला किया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा OLED डिस्प्ले पैनल का होता है।

​दक्षिण कोरियाई मीडिया आउटलेट्स (जैसे The Elec और DealSite) की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल ने सैमसंग डिस्प्ले और एलजी डिस्प्ले पर पैनल की कीमतें कम करने का भारी दबाव बनाया है।

आंकड़ों पर एक नजर:

  • iPhone 17 Pro Max: पिछले मॉडल्स के लिए एप्पल ने ओएलईडी पैनल के लिए लगभग $110 से $120 (कभी-कभी $80 तक) का भुगतान किया था।
  • iPhone 18 Pro Max: एप्पल ने इस साल के लिए पैनल की कीमत लगभग $68 से $70 प्रस्तावित की है। कुछ रिपोर्ट्स तो यह भी दावा कर रही हैं कि यह कीमत $66.50 तक नीचे आ सकती है।

​इसका सीधा मतलब है कि एप्पल पिछले मॉडल की तुलना में डिस्प्ले की कीमतों में लगभग 20% से लेकर 40% तक की भारी कटौती की मांग कर रहा है। स्मार्टफोन इंडस्ट्री में एक जनरेशन से दूसरी जनरेशन में कंपोनेंट्स के दाम कम होना आम बात है, लेकिन इतनी बड़ी गिरावट ऐतिहासिक है।




नई और एडवांस तकनीक (M16 और LTPO+) लेकिन कीमत कम

​इस पूरी बातचीत में जो बात सबसे ज्यादा हैरान करने वाली है, वह यह है कि एप्पल केवल पुरानी तकनीक सस्ते में नहीं खरीद रहा है, बल्कि वह नई और ज्यादा एडवांस डिस्प्ले तकनीक के लिए कम पैसे देना चाहता है।

​iPhone 18 Pro सीरीज के डिस्प्ले में कई बड़े अपग्रेड्स होने वाले हैं:

  1. M16 ऑर्गेनिक मटेरियल सेट: सैमसंग डिस्प्ले iPhone 18 सीरीज के लिए अपने लेटेस्ट M16 मटेरियल का इस्तेमाल करेगा। इससे स्क्रीन की चमक (Luminous Efficiency) बेहतर होगी, रंगों की क्वालिटी शानदार होगी और बैटरी की खपत भी कम होगी।
  2. LTPO Plus तकनीक: प्रो मॉडल्स में बेहतर पावर एफिशिएंसी के लिए "LTPO Plus" तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो पुराने LTPO बैकप्लेन से कहीं अधिक एडवांस है।

​आमतौर पर, जब कोई नई और एडवांस तकनीक पेश की जाती है, तो उसे बनाने में ज्यादा खर्च आता है और पैनल निर्माता (Panel Makers) इसकी अधिक कीमत वसूलते हैं। लेकिन एप्पल के मामले में स्थिति बिल्कुल उलट है। एप्पल एडवांस तकनीक मांग रहा है, वह भी बहुत कम कीमत पर।

​सैमसंग (Samsung) और एलजी डिस्प्ले (LG Display) पर भारी दबाव

​अब सवाल यह है कि क्या सैमसंग और एलजी एप्पल की इन शर्तों को मानेंगे? जवाब है— हां, उनके पास कोई और विकल्प नहीं है।

​एप्पल दुनिया में सबसे ज्यादा प्रीमियम स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनी है। आईफोन के एक मॉडल का शिपमेंट वॉल्यूम (Shipment Volume) इतना बड़ा होता है कि कोई भी सप्लायर इस ऑर्डर को खोना नहीं चाहता।

  • ​भले ही प्रति पैनल उनका प्रॉफिट मार्जिन कम हो जाएगा, लेकिन बिक्री की भारी मात्रा (Massive Volume) के कारण वे अंततः एक बड़ा मुनाफा कमाएंगे।
  • ​अगर सैमसंग या एलजी में से कोई एक इस कीमत पर काम करने से मना करता है, तो एप्पल अपना सारा ऑर्डर दूसरे सप्लायर को दे सकता है। इसी प्रतिस्पर्धा का फायदा एप्पल उठा रहा है।

​सैमसंग डिस्प्ले और एलजी डिस्प्ले के अधिकारियों ने भी हाल ही में सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि इस साल "चिपफ्लेशन" के कारण कंपोनेंट्स की कीमतें कम करने का भारी दबाव आ रहा है, लेकिन वे कॉस्ट इनोवेशन (Cost Innovation) के जरिए इसे मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं।

​ग्राहकों (Consumers) के लिए इसका क्या मतलब है?

​एप्पल और उसके सप्लायर्स के बीच चल रही इस पर्दे के पीछे की खींचतान का सीधा असर आईफोन खरीदने वाले आम ग्राहकों पर पड़ेगा।

​अगर एप्पल मेमोरी चिप्स की बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालता, तो iPhone 18 Pro Max की कीमत $1,499 (लगभग ₹1,25,000, भारतीय टैक्सेस के बिना) से शुरू हो सकती थी। हालांकि, अगर एप्पल डिस्प्ले, कैमरा मॉड्यूल और अन्य गैर-मेमोरी (Non-memory) कंपोनेंट्स की कीमतों में कटौती करवाने में सफल हो जाता है, तो:

  1. कीमतों में वृद्धि सीमित होगी: आईफोन 18 प्रो की कीमतों में $300 की बढ़ोतरी के बजाय, यह बढ़ोतरी केवल $100 या $200 तक ही सीमित रह सकती है।
  2. वैल्यू फॉर मनी: ग्राहकों को लगभग उसी या थोड़ी ज्यादा कीमत पर बेहतर प्रोसेसर (A20 Pro), बड़ी बैटरी, एडवांस कैमरा और M16 OLED डिस्प्ले जैसी नई तकनीक मिलेगी।

1 Comments

  1. आईफोन 18 प्रो की कीमतों में $300 की बढ़ोतरी के बजाय, यह बढ़ोतरी केवल $100 या $200 तक ही सीमित रह सकती है।

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