महिंद्रा थार के RWD (रियर व्हील ड्राइव) और 4WD (फोर व्हील ड्राइव) मॉडल्स बाहर से देखने में लगभग एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनकी बनावट, इंजन और ताकत के बँटवारे (पावर डिलीवरी) में बहुत बड़ा तकनीकी अंतर है।
1. ड्राइवट्रेन और पावर डिलीवरी (सबसे बड़ा अंतर)
- RWD (रियर व्हील ड्राइव): इस मॉडल में इंजन की पूरी ताकत केवल पीछे के दोनों पहियों तक जाती है। आगे के पहिये सिर्फ स्टीयरिंग के इशारे पर मुड़ने का काम करते हैं, उनमें इंजन की कोई पावर नहीं होती।
- 4WD (फोर व्हील ड्राइव): इस मॉडल में एक खास 'ट्रांसफर केस' लगा होता है। यह इंजन की ताकत को जरूरत पड़ने पर चारों पहियों (आगे और पीछे दोनों) में बराबर बाँट सकता है।
2. हार्डवेयर और ट्रांसफर केस गियर
केबिन के अंदर बैठते ही आपको इन दोनों के बीच का सबसे बड़ा हार्डवेयर अंतर दिख जाएगा।
- 4WD मॉडल में: मेन गियर लीवर के ठीक बगल में एक छोटा गियर लीवर (4x4 सेलेक्टर) होता है। इसके जरिए आप गाड़ी को 2H (नॉर्मल रियर व्हील ड्राइव), 4H (फोर व्हील ड्राइव हाई - रेतीले/कच्चे रास्तों के लिए), और 4L (फोर व्हील ड्राइव लो - कीचड़ या चट्टानों पर चढ़ने के लिए) मोड में शिफ्ट कर सकते हैं।
- RWD मॉडल में: यह छोटा गियर लीवर (ट्रांसफर केस) पूरी तरह से गायब होता है। उसकी जगह पर मोबाइल या चाबी रखने के लिए एक छोटा सा स्टोरेज बॉक्स (क्यूब होल) बना दिया गया है।
3. इंजन के विकल्प (Engine Options)
महिंद्रा ने दोनों मॉडल्स के इंजनों में भी तकनीकी बदलाव किए हैं, जिसका सीधा असर इनकी कीमत और परफॉरमेंस पर पड़ता है:
- RWD: इसमें डीजल का छोटा 1.5-लीटर (D117) इंजन आता है, जो 117 bhp की पावर देता है। (पेट्रोल में वही 2.0-लीटर mStallion इंजन मिलता है)। 1.5-लीटर इंजन होने के कारण इसे सरकार से टैक्स में छूट मिलती है, जिससे यह काफी सस्ती हो जाती है।
- 4WD: इसमें ऑफ-रोडिंग के लिए ज्यादा टॉर्क वाला बड़ा 2.2-लीटर mHawk डीजल इंजन मिलता है (130 bhp पावर)। इसका पेट्रोल इंजन (2.0-लीटर) RWD जैसा ही है।
4. सस्पेंशन और वजन
- वजन: RWD मॉडल में आगे के पहियों में ड्राइव शाफ्ट और ट्रांसफर केस (4x4 का भारी हार्डवेयर) नहीं होता है। इसके साथ ही इसका डीजल इंजन भी छोटा है। इस वजह से RWD, 4WD के मुकाबले लगभग 100 से 150 किलो तक हल्की है।
- सस्पेंशन: वजन कम होने की वजह से महिंद्रा ने RWD के सस्पेंशन को फिर से ट्यून किया है, जिससे सिटी और हाइवे पर इसकी राइड क्वालिटी 4WD से थोड़ी बेहतर और स्मूथ लगती है।
5. असली ऑफ-रोडिंग क्षमता
- 4WD: इसमें MLD (मैकेनिकल लॉकिंग डिफरेंशियल) और BLD (ब्रेक लॉकिंग डिफरेंशियल) जैसे तकनीकी फीचर्स होते हैं। अगर गाड़ी का एक पहिया हवा में है या कीचड़ में फँस गया है, तो ये सिस्टम उस पहिये की पावर रोककर जमीन पर टिके पहियों को पावर भेजते हैं, जिससे गाड़ी आसानी से बाहर निकल आती है।
- RWD: यह शहर की सड़कों, हाईवे और थोड़े-बहुत कच्चे रास्तों के लिए तो बेहतरीन है, लेकिन अगर इसके पीछे के दोनों पहिये कीचड़, बर्फ या गहरी रेत में फँस गए, तो यह खुद को बाहर नहीं निकाल पाएगी।
महिंद्रा थार के 1.5 लीटर RWD (रियर व्हील ड्राइव) और 2.2 लीटर 4WD (फोर व्हील ड्राइव) डीजल मॉडल्स के वास्तविक माइलेज (Real-world mileage) में लगभग 2 से 3 किलोमीटर प्रति लीटर (kmpl) का अंतर है।
ARAI (टेस्टिंग एजेंसी) के आंकड़े जो भी हों, लेकिन सड़क पर असल ड्राइविंग में RWD 1.5 लीटर डीजल हमेशा 4WD के मुकाबले बेहतर माइलेज निकाल कर देता है।
नीचे दोनों गाड़ियों के वास्तविक माइलेज का एक स्पष्ट विवरण दिया गया है:
वास्तविक माइलेज की तुलना (Real-World Mileage)
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ड्राइविंग कंडीशन |
थार RWD (1.5L डीजल) |
थार 4WD (2.2L डीजल) |
|---|---|---|
|
शहर (City Traffic) |
12 - 13 kmpl |
9 - 11 kmpl |
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हाईवे (Highway) |
15 - 16.5 kmpl |
12 - 14 kmpl |
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मिक्स्ड (Mixed) |
~ 14 - 15 kmpl |
RWD 1.5L का माइलेज ज्यादा क्यों है?
इस 2-3 kmpl के अंतर के पीछे दो सबसे बड़े तकनीकी कारण हैं:
- इंजन का आकार (Engine Size): RWD में 1.5 लीटर (1497cc) का छोटा डीजल इंजन लगा है जो माइलेज के हिसाब से ट्यून किया गया है। वहीं 4WD में 2.2 लीटर (2184cc) का बड़ा और पावरफुल इंजन है, जो ज्यादा तेल पीता है।
- वजन (Weight Loss): RWD मॉडल में 4x4 का भारी ट्रांसफर केस, आगे की ड्राइव शाफ्ट और डिफरेंशियल नहीं होते हैं। इस वजह से यह 4WD के मुकाबले लगभग 100 से 150 किलो हल्की है। हल्का वजन होने के कारण इंजन पर कम दबाव पड़ता है और ईंधन की बचत होती है।
ईंधन खर्च कैलकुलेटर (Fuel Cost Calculator)
यह देखने के लिए कि 1.5L RWD खरीदने से आप हर महीने डीज़ल के कितने पैसे बचा सकते हैं
अगर आपकी ज़्यादातर ड्राइविंग शहर में होती है, तो RWD आपके लिए हर लिहाज से एक समझदारी भरा और प्रैक्टिकल फैसला होगा। यहाँ जानिए कि शहर के लिए यह सबसे बेहतर विकल्प क्यों है:
1. शहर के ट्रैफिक में चलाने में आसानी
4WD का हार्डवेयर न होने के कारण RWD मॉडल का वजन लगभग 100-150 किलो कम है। इसकी वजह से इसका स्टीयरिंग थोड़ा हल्का महसूस होता है। शहर के बम्पर-टू-बम्पर ट्रैफिक और तंग गलियों में इसे कंट्रोल करना 4WD के मुकाबले कम थकावट भरा और ज्यादा आसान है। इसके सस्पेंशन को भी शहर की सड़कों के हिसाब से थोड़ा ज्यादा आरामदायक बनाया गया है।
2. शानदार रोड प्रेजेंस और कंटेंट के लिए बेस्ट
बाहर से देखने में RWD और 4WD बिल्कुल एक जैसी लगती हैं (इनमें सिर्फ 4x4 के एक छोटे से बैज का अंतर होता है)। अगर आप यूट्यूब वीडियो शूट करते हैं, व्लॉग्स बनाते हैं, या अपने ब्लॉग के लिए हाई-डेफिनिशन तस्वीरें क्लिक करना पसंद करते हैं, तो RWD कैमरे पर पूरी तरह से वही मस्कुलर और प्रीमियम एसयूवी का अट्रैक्शन देती है। आपको सिर्फ शानदार 'लुक और फील' के लिए 4WD पर 3-4 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
3. रोजमर्रा के खर्च में भारी बचत
शहर में बार-बार ब्रेक और क्लच का इस्तेमाल होता है। थार RWD का 1.5-लीटर इंजन 4WD के बड़े 2.2-लीटर इंजन की तुलना में शहर में आराम से 2 से 3 किमी/लीटर का बेहतर माइलेज निकाल कर देता है। इसके अलावा, इसकी शुरुआती कीमत भी काफी कम है, जिससे आपकी बहुत बड़ी बचत होती है।
4WD की जरूरत आपको कब पड़ सकती है?
थार 4WD सिर्फ तभी खरीदनी चाहिए जब आपको सच में इसकी जरूरत हो। हालांकि आपकी ड्राइविंग अभी शहर में है, लेकिन अगर आप भविष्य में कभी वाइल्डलाइफ, नेचर या जंगलों के रास्तों को गहराई से एक्सप्लोर करने का प्लान बनाते हैं, तब 4WD की जरूरत महसूस हो सकती है। अगर आपको प्रकृति के करीब जाने के लिए गाड़ी को पक्की सड़क से उतारकर कीचड़, रेतीले रास्तों या घने जंगलों के अंदर ले जाना पड़े, तो RWD वहाँ फंस सकती है।

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शहर और हाईवे पर कौन देती है ज्यादा माइलेज?
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